What is piles पाइल्स क्या है? पाइल्स एक ऐसी बीमारी (piles deseases) है जिसमें पीड़ित व्यक्ति एनस (anus) के अंदर और बाहरी हिस्से में सूजन (swelling) आ जाती है। जिसकी वजह से एनस अंदरूनी हिस्से (Internal anus part)या बाहर के हिस्से में स्किन जमाकर होकर मस्से जैसी बन जाती है और इसमें से कई बार खून (blood) निकलने के साथ ही दर्द (pain) भी होता है। मल त्याग के दौरान जोर लगाने पर ये मस्से बाहर आ जाते हैं। In this article we will read about Whats is Piles and Treatment in Hindi, so start to read about Piles Treatment without surgery and nearby doctors.
Piles Treatment In Hindi - अगर पाइल्स ग्रेड 1 या ग्रेड 2 (grade I or grade II) के हैं यानी आकार में छोटे (small size) हैं तो दवाओं (medicine) से उन्हें ठीक किया जा सकता है। खाने और लगाने दोनों की ही दवाएं दी जाती हैं। पाइल्स (piles) की शुरुआती स्टेज में इसी तरीके से इलाज हो जाता है।
We can do Piles treatment without surgery also. देसी घी (Ghee) अपने गुणों के लिए जाना जाता है. अगर आप नियमित रूप से देसी घी का सेवन करते हैं तो कई समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है. बवासीर की समस्या (piles problem) से निजात पाने के लिए देसी घी में चुटकीभर हल्दी (turmeric) मिलाकर एक मिश्रण (mixture) तैयार करें और बवासीर (piles) वाली जगह पर नियमित तौर पर लगाने से कुछ ही दिनों में बवासीर की समस्या गायब हो जाएगी.
नॉन-सर्जिकल तरीके in hindi – So let’s try for piles treatment near me.
· नियमित व्यायाम करें। (Regular exercise)
· उचित आहार लें। (good and healthy diet)
· मल सॉफ्टनर का उपयोग करें।
· गर्म सिट्ज बाथ लें। (Hot stiz bath)
· क्रीम, ऑइंटमेंट और सपोसिटरी का उपयोग करें। (Use some cream and spocitery)
सर्जिकल तरीके: There are some surgerical treatment of piles
· बवासीर (piles) वाली जगह को काटने के लिए स्केलपेल का उपयोग करना।
· लगातार दबाव के साथ बवासीर को धीरे से पुश करना।
· एक छोटे से चीरे से बवासीर को हटाना।
· विच हेजल: विच हेजल को बवासीर पर लगाने से न केवल खुजली कम होती है बल्कि दर्द भी कम होता है। यह एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होता है। इससे सूजन में कमी आ सकती है।
· एलोवेरा: एलोवेरा में असाधारण एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो बवासीर के कारण होने वाली जलन को कम करने में मदद करता है।
· ओवर द काउंटर ऑइंटमेंट: बवासीर के लक्षणों से तत्काल राहत पाने के लिए काउंटर ऑइंटमेंट का उपयोग कर सकते हैं।
· सूथिंग वाइप्स: यदि बवासीर से पीड़ित व्यक्ति सामान्य टॉयलेट पेपर का उपयोग करता है तो यह स्थिति को बिगाड़ सकता है। इसलिए बवासीर के पेशेंट को जलन कम करने के लिए वाइप्स का इस्तेमाल करना चाहिए।
· कोल्ड कंप्रेस: बड़े और दर्दनाक बवासीर के लिए आइस पैक लगाने से आराम मिलता है। इसके लिए बर्फ को एक तौलिए या कपड़े में लपेटकर लगाना चाहिए।
· गर्म स्नान: बवासीर से पीड़ित व्यक्ति को गर्म स्नान करना चाहिए। यह बवासीर की जलन को शांत करने में मदद करता है।
· अंजीर: सुबह खाली पेट अंजीर का पानी पीने से बवासीर में आराम मिलता है। इसके लिए तीन अंजीर को पानी में भिगोकर रख दें और सुबह खाली पेट इसका सेवन करें।
· नींबू: नींबू के रस में अदरक और शहद मिलाकर इसका सेवन करने से पाइल्स में फायदा पहुंचता है।
· जीरा: बादी बवासीर में दर्द और जलन होने पर जीरे के दानों को पानी डालकर पीसकर लेप बना लें। इसे मस्सों वाली जगह पर लगाने से पाइल्स में आराम मिलता है। खूनी बवासीर में आराम के लिए जीरे को भूनकर मिश्री के साथ पीस लें। इसे दिन में 2-3 बार छांछ के साथ लेने से खूनी बवासीर में आराम मिलता है।
· पपीता: पपीता हमारे पाचनतंत्र को ठीक रखता है। रात के भोजन में पपीता खाएं। इससे कब्ज नहीं होगी और मल त्यागते समय होने वाली पीड़ा से छुटकारा मिलेगा।
· बादाम का तेल: बादाम के तेल को रूई में लेकर बवासीर के छालों पर लगाने से जलन व सूजन में राहत मिलती है।
· वैसलीन: वैसलीन की थोड़ी सी मात्रा गुदा पर लगाने से मल त्यागने में होने वाले दर्द को कम किया जा सकता है। वैसलीन, तनाव और ब्लीडिंग को कम करके मल को आसानी से पास करती है। यह केवल छोटे बवासीर के खिलाफ प्रभावी है।
· वॉकिंग (walking): सैर करना (morning and evening walk), बवासीर के लिए अच्छा माना जाता है। इससे रक्त प्रवाह बढ़ता है और शरीर में पोषक तत्व और ऑक्सीजन एब्जॉर्व होती है। यह बवासीर के लिए सबसे सुरक्षित और सबसे प्रभावी उपायों में से एक है।
Best Piles Doctor Near Me – You can visit your near by hospital or any physician for best guidance of your Piles treatment. Here some suggestions are given that you can eat and what can not.
· व्यक्ति को बवासीर के दौरान केला (Banana) खाना चाहिए. केले के अंदर डाइटरी फाइबर (fiber) पाया जाता है. ऐसे में केले के सेवन से आंत में अच्छे बैक्टीरिया (Bacteria) बढ़ते हैं. साथ ही यह प्रीबायोटिक (Pre-biotic) के रूप में भी आपके शरीर में कार्य कर सकता है. इससे पाचन (digestion) दुरुस्त रह सकता है.
· बवासीर (Piles) के दौरान व्यक्ति को पपीते (Papaya) का सेवन करना चाहिए. पपीते (Papaya) के अंदर भरपूर मात्रा में पानी (Water) और फाइबर (fiber) मौजूद होता है जो मल त्याग में आसानी पैदा करता है. साथ ही बवासीर (Piles) के लक्षणों (symptoms) को कम करने में आपके बेहद काम आ सकता है.
· बवासीर (Piles) रोगी (Patients) अपनी डाइट (diet) में सेब (apple) को जोड़ सकते हैं. बता दें कि सेब (apple) के अंदर घुलनशील फाइबर (fiber) मौजूद होते हैं जो पाचन तंत्र (digestive system) को बेहतर बनाने के साथ-साथ मल को चिकना बनाने में आपके बेहद काम आ सकते हैं. ऐसे में बवासीर रोगी (Piles patients) नियमित रूप से एक सेब (apple) का सेवन कर सकते हैं.
· आलूबुखारा (Plum) भी सेहत के लिए बेहद उपयोगी होता है. आलूबखारे (plum) के अंदर फाइबर (fiber) पाया जाता है जो ना केवल बवासीर (piles) के लक्षणों को कम करने में उपयोगी है बल्कि यदि आप पानी में आलूबुखारे (plum) को उबालकर (boiled) सेवन करते हैं तो यह पेट (stomach) से जुड़ी कई problems को दूर करने में भी आपके बेहद काम आ सकता है.
· नारियल तेल (coconut oil) और हल्दी पाउडर (turmeric powder) नारियल का तेल (Coconut Oil For Piles Treatment) आयुर्वेद में कई बीमारियों के इलाज में अहम रोल निभाता है.
· एलोवेरा जेल (alovera gel और हल्दी (turmeric)
· देसी घी (ghee) और हल्दी (turmeric) है रामबाण इलाज
· बकरी का दूध (Got milk), हल्दी (turmeric) और काला नमक (Black salt)
· नहाने के टब (Bath tub) में हल्दी (turmeric) डाल कर करें इस्तेमाल
Do this practice, you will not required the Piles Doctor Specialist Near Me - इप्सम साल्ट (Impuls salt) और ग्लिसरीन (Gliseren) की दो-दो चम्मच लेकर मिलाएं और प्रभावित जगह (piles effected place) पर 15-20 मिनट तक लगा रहने दें. यह घरेलू उपचार (home based remedies) दर्दनाक बवासीर (ppiles) को कम करने में मदद करता और तुरंत आराम मिल सकता है. इससे सूजन (swelling) में भी आराम मिलता है.
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