मकर संक्रांति प्रत्येक वर्ष 14 जनवरी को मनायी जाती है। इस दिन केवल पतंगबाजी का ही कार्यक्रम नहीं होता बल्कि मकर सक्रांति पर स्नान और दान पुण्य करने का भी बड़ा महत्व है। इस दिन किया गया दान पुण्य अक्षय फलदायी होता है। मकर संक्रांति पूरे भारत वर्ष में मनायी जाती है लेकिन कुछ जगहों पर इसको अलग नाम और अलग अंदाज से मनाने का प्रचलन है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करते हैं
मकर संक्रांति पर किसी गरीब या जरूरतमंद को एक जोड़ी वस्त्र का दान जरूर करें. एक बात का ध्यान रखें कि ये वस्त्र पुराने या फिर इस्तेमाल किए हुए और फटे नहीं होने चाहिए. हमेशा नए वस्त्रों का ही दान करना चाहिए, ऐसा शास्त्रों में भी कहा गया है.
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मकर संक्रांति भारत के धार्मिक त्यौंहारों में अपना विशेष महत्व रखती है। मान्यताओं के अनुसार मकर संक्रांति का पर्व सूर्यदेव को समर्पित है। इस दिन सूर्यदेव को अर्ध्य देकर उनसे प्रार्थना करते हैं। भगवान सूर्य देव धनु राशि को छोड़कर मकर राशि में प्रवेश करते हैं। इसलिए इस दिन पवित्र स्थलों पर स्नान और दान पुण्य करने से उनका फल कई गुना सौ गुना बढ़ जाता है। मकर संक्रांति को निम्न चीजें दान करनी चाहिए।
1. गुड़ और तिल दान करना पवित्र स्थलों पर स्नान करना लाभदायी होता है।
2. तेल दान करना चाहिए।
3. गुड
4. कंबल व घी के दान से मोक्ष की प्राप्ति होती है
5. फल
6. छाता
7. खिचड़ी
8. कपड़े
9. पशुओं को हरा चारा
10. गृहणियां अपने बड़ों को कपड़े एवं अन्य वस्त्र दान करती है।
यह एक धार्मिक आस्था से जुड़ा हुआ पर्व है। इस दिन पतंग उडाना, सूर्य देव की पूजा करना, धार्मिक स्थलों पर स्नान करना, दान पुण्य करना, गाय की पूजा करना आदि कार्यक्रम किये जाते हैं। आजकल पतंगबाजी के साथ साथ पटाखे भी फोड़े जाते हैं। रात को दीपावली जैसा नजारा देखने को मिलता है।
पिता सूर्यदेव को कुष्ठ रोग से पीड़ित देखकर यमराज काफी दुखी हुए। यमराज ने सूर्यदेव को कुष्ठ रोग से मुक्त करवाने के लिए तपस्या की। लेकिन सूर्य ने क्रोधित होकर शनि महाराज के घर कुंभ जिसे शनि की राशि कहा जाता है उसे जला दिया। इससे शनि और उनकी माता छाया को कष्ठ भोगना पड़ रहा था। यमराज ने अपनी सौतेली माता और भाई शनि को कष्ट में देखकर उनके कल्याण के लिए पिता सूर्य को काफी समझाया। तब जाकर सूर्यदेव ने कहा कि जब भी वह शनि के दूसरे घर मकर में आएंगे तब शनि के घर को धन धान्य से भर देंगे। प्रसनन होकर शनि महाराज ने कहा कि मकर संक्रांति को जो भी सूर्यदेव की पूजा करेगा उसे शनि की दशा में कष्ट नहीं भोगना पड़ेगा।
मकर संक्रांति का वैज्ञानिक कारण यह है कि इस दिन से सूर्य उत्तरायण हो जाने से प्रकृति में बदलाव शुरू हो जाते हैं। शीत ऋतु से राहत मिलना आरम्भ हो जाती है। इस दिन से धरती पर अच्छे दिनों की शुरूआत मानी जाती है। इसकी वजह यह है कि सूर्य इस दिन से दक्षिण से उत्तरी गोलार्ध में गमन करते हैं। देवताओं के दिन का आरंभ होता है। स्वर्ग के द्वार खुलते हैं। इस दिन किये गये दानपुण्य का महत्व बढ़ जाता है।
मकर संक्रांति का पर्व वैसे तो 14 जनवरी को बनाया जाता है। परन्तु विशेष बात यह है कि सूर्यदेव धनुराशि से मकर राशि में प्रवेश करने के अनुसार इसके समय मंे कभी कभी थोड़ा बहुत परिवर्तन हो जाता है। जो कि 14 जनवरी के दिन के किसी भी समय में हो सकता है। परन्तु 14 जनवरी को पूरा दिन ही दान पुण्य के लिए विशेष महत्व रखता है।
मकर संक्रांति पर पतंगबाजी ना हो तो मकर संक्रांति का मजा ही नहीं आता। पूरे भारत में यह पतंगबाजी होती है। वैसे तो मकर संक्रांति पूरे भारतवर्ष मंे मनायी जाती है लेकिन अलग अलग राज्यों में इसके नाम कुछ अलग है, जैसे-
तमिलनाडू ----------- थाई पोंगल
गुजरात ----------- उत्तरायण
पंजाब ----------- लोहड़ी
बंगाल ----------- पौष संक्रांति
कर्नाटक ----------- सुग्गी हब्बा
उड़ीसा ----------- मकर चौला
महाराष्ट्र ----------- माघी संक्रांति
हरियाणा ----------- माघी संक्रांति
आसाम ----------- माघ भोगाली बिहू
1. मेष- मकर संक्रांति के दिन मेष राशि वालों को गुड़ का दान करना चाहिए। इससे आर्थिक लाभ होने की मान्यता है।
2. वृष- मकर संक्रांति के दिन वृष राशि को मिश्री का दान करना चाहिए। ऐसा करने से उनके जीवन में सुख और समृद्धि आने की मान्यता है।
3. मिथुन- इस दिन आपको हरे रंग की मूंग की दाल दान करना शुभ होता है। ऐसा करने से वैवाहिक जीवन की समस्याएं खत्म हो जाती हैं।
4. कर्क- कर्क राशि वालों को चावलों का दान अवश्य करना चाहिए। कहते हैं कि ऐसा करने से मानसिक शांति की प्राप्ति होती है।
5. सिंह- मकर संक्रांति के दिन इस राशि वालों को गेहूं का दान करना चाहिए। कहते हैं कि ऐसा करने से मान-सम्मान में वृद्धि होने की मान्यता है।
6. कन्या- ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, मकर संक्रांति के दिन इस राशि वालों को हरे रंग का चारा जानवरों को खिलाना शुभ होता है। कहते हैं कि ऐसा करने से जीवन की सभी समस्याएं दूर हो जाती हैं।
7. तुला- इस राशि वालों को मकर संक्रांति के दिन कन्याओं को खीर का दान करना शुभ होता है। कहते हैं कि ऐसा करने से व्यक्ति को सुख-संपदा की प्राप्ति होती है।
8. वृश्चिक- मकर संक्रांति के दिन वृश्चिक राशि वालों को गुड़ और चना बंदरों को खिलाना शुभ होता है। कहते हैं कि ऐसा करने से शत्रुओं का नाश होता है।
9. धनु- धनु राशि वालों को मकर संक्रांति के दिन किसी मंदिर में चने का दान करना चाहिए। कहते हैं कि ऐसा करने से जीवन की सभी समस्याएं दूर हो जाती हैं और सुखों की प्राप्ति होती है।
10. मकर- मकर राशि वालों को इस दिन कंबल दान करना चाहिए। कहते हैं कि ऐसा करने से नौकरी में आ रही समस्याएं दूर हो जाती हैं।
11. कुंभ- मकर संक्रांति के दिन कुंभ राशि वालों को काली उड़द की दाल दान करना शुभ होता है। माना जाता है कि ऐसा करने से बिजनेस संबंधी समस्याएं दूर हो जाती हैं।
12. मीन- इस राशि वालों को हल्दी और बेसन से बनी चीजों का दान करना चाहिए। कहते हैं कि ऐसा करने से व्यक्ति की लाइफ में पैसे संबंधी दिक्कतें दूर हो जाती हैं।
इस प्रकार भारत की विविधता में एकता की मिसाल को कायम रखते हुए सभी भारतवासी अपनी मान्यताओं के अनुसार हर्षउल्लास से यह त्यौंहार मनाते हैं।
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